
दुर्ग। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने दुर्ग जिले के सहेली ज्वेलर्स में करीब 20 घंटों तक छापा मारा है। इसके बाद टीम जब लौटने लगी तो उनके साथ झूमाझटकी की गई। दुकान संचालकों ने टीम पर मारपीट करने का आरोप लगते हुए उनसे भीड़ गए। सूचना मिलने पर दुर्ग पुलिस मौके पर पहुंची किसी तरह टीम के सदस्यों को वहां से बाहर निकाल लिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
दरअसल, DRI की 60 सदस्यीय टीम ने गुरुवार सुबह सहेली ज्वेलर्स के 5 ठिकानों पर छापा मारा था। इनमें दुर्ग और भिलाई में दुकान, मकान और कारखाने में एक साथ कार्रवाई की गई। टीम के सदस्यों ने सहेली ज्वेलर्स के संचालक सुनील जैन और राजेंद्र जैन के परिवार को नजर बंद कर दिया। उनसे उनके मोबाइल फोन ले लिए गए और घर के अंदर से किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया गया। टीम के सभी सदस्यों ने वहां दस्तावेज खंगाले और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। इस दौरान टीम ने यहां से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी सहित उनसे बने आभूषण बरामद किए। जब अधिकारियों ने इनके दस्तावेज मांगे तो ज्वेलर्स संचालक प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके बाद टीम ने वहां से 5 बैग में हार्ड डिस्क, सीसीटीवी फुटेज, सहित अन्य दस्तावेज और सोना चांदी जब्त कर लिया।
देर रात करीब 1 बजे जब टीम जाने लगी तो ज्वेलर्स संचालकों ने उन्हें घेर लिया और बाहर नहीं जाने दिया। इस दौरान उनके बीच काफी बहस और झूमाझटकी भी हुई। मामला बढ़ते देख अधिकारियों ने दुर्ग पुलिस की मदद ली और किसी तरह वहां से निकले। डीआरआई की टीम के साथ देर रात मारपीट और धक्कामुक्की की भी खबर मिलने पर दुर्ग सीएसपी जितेंद्र यादव और कोतवाली टीआई पुलिस दल बल लेकर मौके पर पहुंचे। उस दौरान वहां पर काफी हंगामा हो रहा था। ज्वेलर्स संचालक ने आरोप लगाया कि बिल देने के बाद भी अधिकारियों ने उनके कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की है।
एसएसपी बीएन मीणा का कहना है कि मारपीट की कोई शिकायत नहीं मिली है। धक्कामुक्की होने की खबर मिली थी। जब डीआरआई के अधिकारी कोई शिकायत दर्ज कराएंगे तो पुलिस उस पर कार्रवाई करेगी।
